Vernacular Names
Assamese
Yeshtmadhu, Jesthimadhu
Bengali
Yashtimadhu
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🌱 Plant Information
Etymology
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plant.
Classifications
Properties
Classical Verse From Nighantu
| Source | Varga | Verse |
|---|---|---|
| कैयदेवनिघण्टु | ओषधिवर्ग | यष्टीमधुकं मधुकं मधुयष्टी मधुश्रवा ||१०१|| यष्टीमधु क्लीतनकं यष्ट्याह्वं क्लीतनं मधु | यष्टीकमपरां भोजा मधुपर्णी मधुलिका ||१०२|| यष्टी हिमा गुरुः स्वादुश्चक्षुष्या बलवर्णकृत् | सुस्निग्धा शुक्रला केश्या स्वर्या पित्तानिलास्रजित् ||१०३|| व्रणशोफविषच्छर्दितृष्णाग्लानिक्षतापहा |१०४| |
| कैयदेवनिघण्टु | ओषधिवर्ग | यष्टीमधुकं मधुकं मधुयष्टी मधुस्रवा ||११२८|| यष्टीमधु क्लीतनकं यष्ट्याह्वं क्लीतकं मधु | मधुयष्ट्यपराम्भोजा मधुपर्णी मधूलिका ||११२९|| मधुकं मधुरं वृष्यं वर्ण्यं स्वर्यं हिमं गुरु | सुस्निग्धं बृंहणं केश्यं वातपित्तकफापहम् ||११३०|| सद्यःक्षतास्रतृट्छर्दिक्षयशोफव्रणान् हरेत् |११३१| |
| धन्वन्तरिनिघण्टु | गुडूच्यादिवर्ग | मधुयष्टी च यष्टी च यष्टीमधु मधुस्रवा | यष्टीकं मधुकं चैव यष्ट्याह्वं मधुयष्टिका ||१५९|| मधुयष्टी स्वादुरसा शीतपित्तविनाशिनी | वृष्या शोषक्षयहरा विषच्छर्दिविनाशनी ||१६०|| |
| भावप्रकाशनिघण्टु | हरीतक्यादिवर्ग | यष्टीमधु तथा यष्टीमधुकं क्लीतकं तथा | अन्यत्क्लीतनकं तत्तु भवेत्तोये मधूलिका ||१२८|| यष्टी हिमा गुरुः स्वाद्वी चक्षुष्या बलवर्णकृत् | सुस्निग्धा शुकला केश्या स्वर्या पित्तानिलास्रजित् | घ्राणशोथविषच्छर्दितृष्णाग्लानिक्षयापहा ||१२९|| |
| मदनपालनिघण्टु | अभयादिवर्ग | मधुयष्टी क्लीतनकं यष्टीमधु मधूलिका | यष्ट्याह्वं मधुकं यष्टिमधूकं जलजा मधुः | मधुयष्टी गुरुः शीता बल्या तृट्छर्दिपित्तजित् ||८७|| |
| राजनिघण्टु | पिप्पल्यादिवर्ग | यष्टीमधुर्मधुयष्टी मधुवल्ली मधुस्रवा | मधुकं मधुका यष्टी यष्ट्याह्वं वसुसम्मितम् ||१४४|| मधुरं यष्टिमधुकं किञ्चित्तिक्तं च शीतलम् | चक्षुष्यं पित्तहृद्रुच्यं शोषतृष्णाव्रणापहम् ||१४५|| |
| सोढलनिघण्टु | गुडूच्यादिवर्ग | मधुयष्ट्यां च यष्टी च यष्टीमधु मधुस्रवा | मधुकं क्लीतिका सा च क्लीतनं च मधूलिका ||१९६|| मधुपर्णी रसा सौम्या विरसा शोषनाशिनी |१९७| |