Vernacular Names
Ashvagandha
Ashvagandha
Asgandha
Asgandh
Angarberu, Hiremaddina-gida
Asagandha, Askagandha
Aswagandha
Asgandh
Amukkaramkizangu
Pennerugadda
Asgand
Relational Concept Map
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🌱 Plant Information
Etymology
| Sanskrit Synonym | Sanskrit (Diacritical) | Reference | Etymology (Sanskrit) | English Meaning |
|---|---|---|---|---|
| अश्वगन्धा | Aśvagandhā | अश्वस्पेव गन्धोऽस्याः, अथवाऽश्वस्येव गन्धा उत्साहः(कामवेगः) यस्याः सेवेनन सा । | ||
| अश्वकन्दः | Aśvakandaḥ | अश्वस्य गन्धयुक्तः, अश्वस्येव कामशक्तिप्रदः कन्दः मूलमस्याः । | ||
| अश्वावरोहकः | Aśvāvarohakaḥ | अश्वमवरोहयति अधःकरोति पुंस्त्वशक्तौ इति । | ||
| कञ्चुका | Kañcukā | कञ्चते बध्नानि शुक्रं दीप्तिकरञ्च ‘कचि दीप्तिबन्धनयोः’ \ | ||
| कामरूपिणी | Kāmarūpiṇī | कामस्येव रूपं भवत्यस्याः । | ||
| गन्धपत्री | Gandhapatrī | पत्राणामप्यश्वगन्धित्वात् । | ||
| पुत्रदा | Putradā | पुत्रं ददाति शुक्रवर्धकत्वात् । | ||
| बलदा | Baladā | बलं ददाति, बलवर्धनीत्यर्थः । | ||
| मारुतघ्नी | mārutaghnī | मारुतं वातविकार हन्ति । | ||
| वराहकर्णी | Varāhakarṇī | वराहकर्णवत् पत्राण्यस्याः । | ||
| वृषा | Vṛṣā | वृषवत् शुक्रवर्धनी वाजीकरी च | ||
| हयाह्वया | Hayāhvayā | अश्वनाम्ना प्रख्याता । |
Classifications
| Name | उपयोगी हिस्सा(हिन्दी) | Part Used(Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Root | मूल | Mūla |
| Name | महाकषाय (हिन्दी) | Mahakashaya(Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Balya Mahakashaya | बल्य महाकषाय | Balya mahākaṣāya | ||
| Brimhaniya Mahakashaya | बृंहणीय महाकषाय | Bṛṃhaṇīya mahākaṣāya |
| Name | वर्ग(हिन्दी) | Varga(Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Guduchyadivarga | गुडूच्यादिवर्ग | Guḍūcyādivarga | ||
| Guduchyadivarga | गुडूच्यादिवर्ग | Guduchyadivarga | ||
| Oshadhivarga | ओषधिवर्ग | Oṣadhivarga | ||
| Shatahvadivarga | सत्त्वादिवर्ग | Satvādīvarga |
| Name | स्कंध(हिन्दी) | skandha(Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Madhuraskandha | मधुरस्कन्ध | Madhuraskandha |
Properties
| Name | गुण(हिन्दी) | Guna(Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Snigdha | स्निग्ध | Snigdha | ||
| Laghu/ Aguru | लघु | Laghu |
| Name | विर्य (हिन्दी) | Virya (Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Ushna Virya | उष्ण वीर्य | Uṣṇa vīrya |
| Name | विपाक (हिन्दी) | Vipaka(Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Madhura vipaka | Madhura vipāka | मधुर विपाक |
| Name | कर्म (हिन्दी) | Karma (Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Anulomana | अनुलोमन | anulomana | ||
| Dipana | दीपन | dīpana | ||
| Krrimighna/ Krimihara/ Jamtughna/ Jantuhara/ Jamtunashaka/ Jantunashana/ Jivanu Nashaka | कृमिघ्न/ क्रिमिहर/ जंतुघ्न/ जन्तुहर/ जंतुनाशक/ जन्तुनाशन/ जीवाणु नाशक | kṛmighna/ krimihara/ jaṃtughna/ jantuhara/ jaṃtunā | ||
| Kushthaghna/ Kushthahara | कुष्ठघ्न/ कुष्ठहर | kuṣṭhaghna/ kuṣṭhahara | ||
| Mutrajanana/ Mutrala/ Mutravirechaniya | मुत्रजनन/ मूत्रल/ मुत्रविरेचनीय | mutrajanana/ mūtrala/ mutravirecanīya | ||
| Shothahara/ Shophaghna/ Shothaghna/ Shvayathuhara | शोथहर/ शोफघ्न/शोथघ्न/ श्वयथुहर | śothahara/ śophaghna/śothaghna/ śvayathuhara | ||
| Shulaprashamana/ Shulaghna/ Shulaghni/ Shulahara/ Shulanashini/ Shulaprashamana | शूलप्रशमन/ शुलघ्न/ शुलघ्नी/शुलहर/ शुलनाशिनी/ शूलप्रशमन | śūlapraśamana/ śulaghna/ śulaghnī/śulahara/ śulan | ||
| Vedanasthapana | वेदनास्थापन | vedanāsthāpana | ||
| Balya | बल्य | balya | ||
| Rasayana | रसायन | rasāyana | ||
| Vajikara | वाजीकर | vājīkara |
| Name | दोषकर्म (हिन्दी) | Doshakarma (Diacritical) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| KaphaVatahara/KaphaVatashamana/ KaphaVstasaṃshamana | कफवातहर/ कफवातशमन/ कफवातसंशमन | KaphaVātahara/KaphaVātaśamana/ KaphaVātasaṃśamana |
Usage
| Name | Dosage(Form) | Dosage(Reference) | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|---|---|
| Brahmi Vati | Rasa Yoga | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part II, 16:45 | ||
| Balarishta | Arishta | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 1:24 | ||
| Ashvagandhadyarishta | Arishta | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 1:6 | ||
| Ashvagandha Taila | Taila | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part II, 8:2 | ||
| Ashvagandhadi Churna | Churna | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part II, 7:2 | ||
| Balaguduchyadi Taila | Taila | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 8:34 | ||
| Ashvagandhadi Lehya | Avaleha/Leha/Paka | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 3:2 | ||
| Brihat Guduchi Taila | Taila | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 8:38 | ||
| Maha Narayana Taila | Taila | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 8:45 | ||
| Narayana Taila | Taila | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part I, 8:23 | ||
| Brihacchagaladya Ghrita | Ghrita | Ayurvedic Formulary of India (AFI), Part II, 6:3 |
| Name | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|
| bhramaḥ | ||
| galagaṇḍaḥ | ||
| granthiḥ | ||
| Kāsa | ||
| krimiroga | ||
| kustha | ||
| mūrcchā | ||
| shukradaurblya | ||
| shvitra | ||
| Svasa | ||
| Udarshool |
Dose
| Name | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|
| Kshara-1-2gm | ||
| Powder/churna-3-6gm |
Pharmacopoeial Status
| Name | Title (Ref. Book) | Reference Remarks |
|---|---|---|
| The Ayurvedic Pharmacopoeia of india, Part-I, Vol.-I, Pg.No.-15(Root) |
Classical Verses Related to Therapeutic Indications
| Vyadhi / Diseases | Context / Formulation | Shloka / Verse | Reference |
|---|---|---|---|
| रसायन | पीताऽश्वगन्धा पयसाऽर्धमासं घृतेन तैलेन सुखाम्बुना वा। कृशस्य पुष्टि वपुषो विधत्ते बालस्य सस्यस्य यथा सुवृष्टि:॥ | (अ. ह्र. उ. ३९. १५८) | |
| रसायन | मण्डूकीशंखकुसुमावजिगन्धाशतावरी:। उपयुञ्जीत धीमेधावय: स्थैर्यबलप्रदा:॥ | (अ. ह्र. उ. ३९. ६१) | |
| रसायन | शिशिरे योऽश्वगन्धाया: कन्दचूर्ण पलोन्मितम्। मासमत्ति समध्वाज्यं स वृद्दो ऽपि भवेद युवा॥ | (रा. मा ३३. ११) | |
| शोष | तदुत्थितं क्षीरघृतं सिताढयं प्रात: पिबेद वाऽथ पयोऽनुपानम्॥ | (सु. उ. ४१. ४२) | |
| शोष | घृतेन चाजेन समाक्षिकेण तुरड्गन्धतिलमाषचूर्णम्॥ सिताश्वगन्धमगधोद्भवानां चूर्ण घृअक्षौद्रयुतं प्रलिहयात्॥ क्षीरं पिबेदवाऽप्यथ वाजिगन्धाविपक्वमेवं लभतेऽड्गपुष्टिदम्॥ | (सु. उ. ४१. ४१. -४२) | |
| शोष | उत्सादने चापि तुरड्गन्धा योज्या यवाश्र्चैव पुनर्नवे च॥ | (सु. उ. ४१. ४३) | |
| मांससर्पि | अश्वगन्धाश्रृतात् क्षीराद घृतञ्च ससितापय:॥ | (अ. ह्र चि. ५. २५) | |
| कृष्णाद्राक्षासितालेह: क्षयहा क्षौद्रतैलवान्। मधुसर्पिर्युतो वाऽश्गन्धाकृष्णासितोद्भव:॥ | (वृ. मा १०. ९) | ||
| अतिकार्श्य | उत्पन्ने तु पयसाश्वगन्धाविदारिगन्धा- शतावरीबलातिबलानागबलानां….चौषधीनामुपयोग:॥ | (सु. सू. १५ ३३) | |
| श्वास | क्षारञ्चाप्यश्वगन्धाया लुहयाना क्षौद्रसर्पिषा। | (च. चि. १७. ११७; अ. ह्र चि. ४. ३८) | |
| ग्रन्थिवीसर्प | गोमूत्रै: पत्रनिर्यूहैरुष्णैर्वा परिषेचयेत्॥ सुखोष्णया प्रदिहयादवा पिष्टवा चाश्वगन्धया॥ | (च. चि. २१., १२३) | |
| वातरोग | अश्वगन्धाघृतम् | अश्वगन्धाकषायेण कल्कै: क्षीरं चतुर्गुणम्। घृतं पक्वं तु वातघ्नं वृष्यं मांसविवर्धनम्॥ | (वृ. मा. २२. ७३) |
| ऊरुस्तम्भ | मूलैर्वाऽप्यश्वगन्धाया: मूलैरर्कस्य वा भिषक॥ पिचुमर्दस्य वा मूलैरथवा देवदारुण:॥ क्षौद्रसर्षपवल्मीकमॄत्तिकासंयुतैर्भिषक्॥ गाढमुत्सादनं कुर्यादूरुस्तम्भे प्रलेपनम्॥ | (च. चि. २७. ५०-५१) | |
| निद्रानाश | चूर्ण हयगन्धाया: सितया सहितञ्च सर्पिषा लीढम्। विदधाति नष्टनिद्रे निद्रामाश्वेव सिद्दमिदम्॥ | (बंसे. जलदोषादि १३) | |
| हदयगतवात | पिबेदुष्णाम्भसा पिष्टं साध्वगन्धं बिभीतकम्। गुदयुक्तं प्रयत्नेन ह्रदयनिलनाशनम्॥ | (बं. से. वातव्याधि ६०) | |
| शस्त्रक्षत | अश्वगन्धारजो लिहयाद गुडेन हविषाऽथवा॥ पयसा वा पिबेच्छस्त्रक्षतक्षीणो रसायनम्॥ | (वै. म. ४. २) | |
| मूत्राघात | मूत्रं क्वाथोऽश्वगन्धाया द्राक् प्रवर्तयतेतराम्। सेतुभडस्तटाकस्य प्रवाहं पयसामिव॥ | (सि. भे ४. ५४१) | |
| गर्भधारण | काथेन हयगन्धाया: साधितं सघृतं पय:। ऋतुस्नाताऽ बला पीत्वागर्भ धत्ते न संशय:॥ | (वृ. मा. ६४. १०; भा. प्र. चि. ७०. २६) | |
| बालशोष | पादकल्केऽश्वागन्धाया: क्षीरे दशगुणे पचेत्। घृतं पेयं कुमाराणां पुष्टिकृद् बलवर्धनम्॥ | (वृ. मा. ६७. ९) | |
| उदररोग | देवद्रुमं शिग्रुमयूरकञ्च गोमूत्रपिष्टामथवाऽश्वगन्धाम॥ पीत्वाशु हन्धादुदरं प्रवृद्दं क्रिमीन सशोथानुदरञ्च दूष्यम्॥ | (च.द. ३७. ४८) |
Classical Verse From Nighantu
| Source | Varga | Verse |
|---|---|---|
| कैयदेवनिघण्टु | ओषधिवर्ग | अश्वगन्धा कुष्ठगन्धा हयाह्वाऽश्वावरोहका ||१०४४|| वराहकर्ण स्तुरगी तुरगी वरदा वृषा | बल्या वाजीकरी पीता बर्हिपिच्छं च कञ्चुकी ||१०४५|| अश्वगन्धा कषायोष्णा तिक्ता वृष्या रसायनी | बलपुष्टिप्रदा हन्ति कफकासानिलव्रणान् ||१०४६|| शोफकण्डूविषश्वित्रकृमिश्वासक्षतक्षयान् |१०४७| |
| धन्वन्तरिनिघण्टु | गुडूच्यादिवर्ग | अश्वगन्धा वाजीगन्धा कञ्चुकाऽश्वावरोहकः | वराहकर्णी तुरगी बल्या वाजीकरी स्मृता ||३०२|| अश्वगन्धा कषायोष्णा तिक्ता वातकफापहा | विषव्रणक्षयान् हन्ति कान्तिवीर्यबलप्रदा ||३०३|| |
| भावप्रकाशनिघण्टु | गुडूच्यादिवर्ग | गन्धान्ता वाजिनामादिरश्वगन्धा हयाह्वया | वराहकर्णी वरदा बलदा कुष्ठगन्धिनी ||१६१|| अश्वगन्धाऽनिलश्लेष्मश्वित्रशोथक्षयापहा | बल्या रसायनी तिक्ता कषायोष्णाऽतिशुक्रला ||१६२|| |
| मदनपालनिघण्टु | अभयादिवर्ग | अश्वगन्धा तुरङ्गाह्वा गोकर्णश्चावरोहकः | वराहकर्णी वरदा बल्या वाजीकरी वृषा ||१७३|| अश्वगन्धाऽनिलश्लेष्मशोफश्वित्रक्षयापहा | बल्या रसायनी तिक्ता कषायोष्णाऽतिशुक्रला ||१७४|| |
| राजनिघण्टु | शताह्वादिवर्ग | अश्वगन्धा वाजिगन्धा कम्बुकाष्ठा वराहिका | वराहकर्णी तुरगी वनजा वाजिनी हयी ||१०९|| पुष्टिदा बलदा पुण्या हयगन्धा च पीवरा | पलाशपर्णी वातघ्नी श्यामला कामरूपिणी ||११०|| कालप्रियकरी बल्या गन्धपत्री हयप्रिया | वराहपत्री विज्ञेया त्रयोविंशतिनामका ||१११|| अश्वगन्धा कटूष्णा स्यात्तिक्ता च मदगन्धिका | बल्या वातहरा हन्ति कासश्वासक्षयव्रणान् ||११२|| |
| सोढलनिघण्टु | गुडूच्यादिवर्ग | वराहकर्ण्यां तुरगी बल्या वाजीकरी स्मृता | अश्वगन्धा कुष्ठगन्धा कन्दराऽश्वावरोहकः ||२६९|| वरगात्रकरी पुण्या शिष्टगन्धा च पीवरा | एलापर्णी मारुतघ्नी श्यामला कामरूपिणी ||२७०|| |